झांसी न्यूज डेस्क: महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में तबादले के ढाई साल बाद भी कई डॉक्टरों द्वारा सरकारी आवास खाली न किए जाने का मामला सामने आया है। इसी महीने प्रधानाचार्य ने संबंधित चिकित्सकों को नोटिस जारी कर सात दिन के भीतर आवास खाली करने के निर्देश दिए थे, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। प्रशासन की चेतावनी का अब तक कोई प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है।
एनेस्थीसिया विभाग के सह आचार्य डॉ. महेश वर्मा का जुलाई 2023 में राजकीय मेडिकल कॉलेज जालौन में स्थानांतरण हुआ था और 7 जुलाई 2023 को उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया था। इसके बावजूद उन्होंने अब तक मेडिकल कॉलेज परिसर का आवास खाली नहीं किया है। प्रधानाचार्य ने उन्हें पत्र जारी कर एक सप्ताह के भीतर मकान खाली कर भवन अनुभाग को चार्ज सौंपने के निर्देश दिए हैं तथा अनुपालन न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इसी प्रकार टीबी एवं चेस्ट रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. राजकमल सिंह का 2023 में राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा में स्थानांतरण हुआ था। उन्होंने 15 जुलाई 2023 को छह महीने की मोहलत मांगी थी, जिसे तत्कालीन प्रधानाचार्य ने मंजूरी दे दी थी। हालांकि छह माह की अवधि समाप्त हुए भी दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आवास अब तक खाली नहीं किया गया। ईएनटी विभाग के डॉ. जितेंद्र सिंह यादव, जिनका स्थानांतरण भी बांदा हुआ था, ने भी कार्यमुक्ति के बाद आवास नहीं छोड़ा है। तीनों को एक सप्ताह की अंतिम मोहलत दी गई है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन को भेजी गई मासिक रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि कैंपस के पीआर और टाइप-4 आवासों का भवन, जलकल और विद्युत किराया प्राप्त नहीं हो रहा है। भवन एवं जलकल प्रभारी अधिकारी ने जनवरी में आहरण एवं वितरण अधिकारी तथा सीएमएस को इस संबंध में रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें संबंधित कॉलम खाली पाए गए। अब प्रशासन आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहा है।