झांसी न्यूज डेस्क: शादी के लिए अखबार में विज्ञापन देना कई लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन गया। झांसी पुलिस ने एक ऐसे फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जो पिछले तीन-चार साल से देशभर के 40 साल से अधिक उम्र के अविवाहित पुरुषों को निशाना बना रहा था। गिरोह पहले अखबारों में छपे मैट्रिमोनियल विज्ञापनों से मोबाइल नंबर जुटाता और फिर शादी का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
गिरोह की ओर से पीड़ितों को पहले एक महिला बनकर फोन किया जाता था। कुछ बातचीत के बाद वॉट्सऐप पर खूबसूरत लड़कियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं। पुलिस जांच में सामने आया कि ये तस्वीरें असली नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाई गई थीं। सामने वाले की पसंद के मुताबिक अलग-अलग तस्वीरें भेजकर उनका भरोसा जीता जाता था।
झांसी के इस कॉल सेंटर में नौ महिलाएं काम कर रही थीं, जिन्हें लोगों से भावनात्मक जुड़ाव बनाने और बातचीत को आगे बढ़ाने की खास ट्रेनिंग दी गई थी। कई मामलों में पीड़ितों से निजी और अश्लील बातचीत कराई जाती थी, जिसे गुपचुप तरीके से रिकॉर्ड कर लिया जाता था। जब पीड़ित शादी या मुलाकात की बात करते, तब गिरोह रिकॉर्डिंग वायरल करने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलने लगता था।
नवाबाद थाना पुलिस और साइबर क्राइम टीम ने राय कॉलोनी स्थित एक मकान पर छापा मारकर नौ महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार किया है। मौके से 26 मोबाइल फोन, एक मैकबुक, आईफोन, रजिस्टर और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। रजिस्टरों की जांच में करीब 41 लाख रुपये के लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी छत्तीसगढ़ से इस तरह का काम सीखकर झांसी आए थे और 'शादी संस्था डॉट कॉम' के नाम से फर्जी मैट्रिमोनियल कॉल सेंटर चला रहे थे। मामले की जांच जारी है।