झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में पत्नी की मौत के करीब चार साल पुराने मामले में एडीजे न्यायालय-2 देवाशीष की अदालत ने पति दशरथ आदिवासी को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे गैर इरादतन हत्या के मामले में चार साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अभियोजन के मुताबिक, गांव के चौकीदार धीरज सिंह ने चिरगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया कि दशरथ अपनी पत्नी वती देवी के साथ डबरा बुजुर्ग गांव में रहता था। 8 अक्टूबर 2022 की देर रात दोनों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि शराब के नशे में दशरथ ने पत्नी को धक्का दे दिया, जिससे वह खड़ंजे पर गिर गई और सिर पत्थर से टकराने के कारण गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष ने घटना को साबित करने के लिए कोर्ट में छह गवाह पेश किए। वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से नरमी बरतने की अपील करते हुए कहा कि दशरथ का यह पहला अपराध है। वह गरीब है और परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दशरथ को दोषी माना। एडीजीसी की ओर से दिए गए तर्कों को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने उसे गैर इरादतन हत्या के मामले में चार साल के कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।