झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में खुद को बाबा बताने वाला काली सरकार उर्फ प्रदीप शुक्ला पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस के मुताबिक, वह हिस्ट्रीशीटर है और लूट व मारपीट के मामलों में वांछित था। रविवार दोपहर हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर से गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि वह नाम बदलकर मंदिर में रह रहा था और आर्मी जैसी ड्रेस पहनकर दिव्य दरबार लगाता था। वह लोगों की बीमारियां ठीक करने और उनकी दूसरी परेशानियां दूर करने का दावा करता था।
नाम बदलकर मंदिर में रह रहा था
पुलिस के मुताबिक, प्रदीप शुक्ला हरदोई के चौहान थोक का रहने वाला है। वह काली सरकार बाबा और नटरोज जैसे नामों से भी जाना जाता था। हरदोई से फरार होने के बाद वह झांसी के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के कुरैंचा गांव स्थित काली सरकार मंदिर में रहने लगा। यहां उसने अपना नाम सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार रख लिया और बाबा बनकर दरबार लगाने लगा। उसके दरबार में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते थे। दावा किया जाता था कि वहां बीमारियों के साथ दूसरी समस्याओं का भी समाधान किया जाता है।
कई साल से तलाश कर रही थी पुलिस
मऊरानीपुर के सीओ रत्नेश्वर सिंह के मुताबिक, प्रदीप शुक्ला के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे 1993 में लूट के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि 1998 में उसके खिलाफ मारपीट का एक और मामला दर्ज हुआ था। पुलिस का कहना है कि वह अदालत में पेश नहीं हो रहा था, जिसके बाद उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किए गए। हरदोई पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। कुछ समय पहले पुलिस को उसके झांसी में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद जांच कर उसके ठिकाने का पता लगाया गया।
इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स
काली सरकार बाबा ने करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम पर अपने नाम से पेज बनाया था, जिस पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दिव्य दरबार लगाता था। स्थानीय लोगों के लिए बुधवार को भी दरबार आयोजित किया जाता था। इन दरबारों में वह बीमारियां ठीक करने और लोगों की समस्याएं दूर करने का दावा करता था। नवरात्र के दौरान उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर नौ दिनों तक दरबार बंद रखने की जानकारी दी थी, लेकिन नवरात्र के पहले दिन ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।