झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के कटेरा थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मध्य प्रदेश की सीमा से लगे कौड़ेरा, मौरयाना और खौरयाना गांवों में शुक्रवार-शनिवार की रात करीब 3 बजे एक साथ छापेमारी की गई। इस अभियान में करीब 200 पुलिसकर्मी, छह सीओ, 10 थानों की पुलिस और पीएसी की दो कंपनियां शामिल रहीं। पुलिस ने मौके से करीब 60 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें जांच के बाद 23 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। सभी आरोपियों को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया।
पुलिस के मुताबिक, इन गांवों में साइबर ठगी का नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था। ठग खुद को पुलिस अधिकारी या किसी जांच एजेंसी का कर्मचारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल करते थे और उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पैसे ऐंठते थे। जांच में यह भी सामने आया कि मध्य प्रदेश की सीमा में स्थित महेबा और आसपास के गांव करीब 12 साल से साइबर ठगी के लिए बदनाम हैं। पकड़े गए आरोपियों में लक्ष्मण यादव और उसके साथी सत्यम यादव के रिश्तेदार भी शामिल बताए जा रहे हैं।
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से कई मोबाइल फोन, राउटर, पुलिस सायरन, नकली वर्दियां, कैप और पुलिस के लोगो समेत कई सामान मिले। आरोप है कि ठगों ने लोगों को झांसा देने के लिए अपने ठिकानों पर पुलिस थाने और मुख्यालय जैसा फर्जी सेटअप तक तैयार कर रखा था। वीडियो कॉल के दौरान इसी सेटअप, वर्दी और पुलिस से जुड़े सामान का इस्तेमाल कर पीड़ितों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि वे किसी असली पुलिस अधिकारी से बात कर रहे हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान ने बताया कि मौरयाना, खौरयाना और काड़ौर को साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के तौर पर चिह्नित किया गया था। पुलिस करीब एक महीने से इन गांवों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र और केंद्रीय जांच एजेंसी से मिले इनपुट के बाद छापेमारी की योजना बनाई गई। अब गिरफ्तार 23 आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है और पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।