झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के हैवतपुरा गांव की प्रधान रामदेवी के छोटे बेटे और एलएलबी छात्र संजय सिंह उर्फ संजू (33) की हत्या में नया खुलासा हुआ है। शुक्रवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में पुष्टि हुई कि संजय की हत्या पिस्टल से की गई थी। पहले पुलिस तमंचे से हत्या की आशंका जता रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम में सिर के भीतर गोली मिलने के बाद साफ हो गया कि वारदात में पिस्टल का इस्तेमाल हुआ। अब पुलिस हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भी तलाश कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार संजय की कनपटी के पास गोली का प्रवेश घाव मिला, जबकि गोली खोपड़ी के भीतर ही फंसी रही। डॉक्टरों ने बताया कि गोली लगने से मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
गुरुवार रात संजय अपने चार दोस्तों के साथ इलाइट चौराहे के पास स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक खाना खत्म होने के बाद एक युवक वहां पहुंचा और संजय की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में उसके भाई सर्वेश सिंह की शिकायत पर नवाबाद थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
परिजनों ने बताया कि संजय पिछले छह वर्षों से नंदनपुरा में किराये के मकान में रह रहा था और करीब तीन महीने से गांव भी नहीं गया था। वह एलएलबी की पढ़ाई के साथ अधिवक्ता दशरथ सिंह के यहां मुंशी का काम करता था। इसके अलावा वह परवई निवासी धर्मेंद्र परिहार के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग का काम भी कर रहा था। परिवार का कहना है कि गांव में उसकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी और न ही प्रधानी को लेकर कोई विवाद था।
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया कि एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच में कुछ अहम सुराग मिले हैं। पुलिस हत्या के पीछे की वजह, वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भी तलाश कर रही है।