झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत के मामले में टेक्निकल कमेटी की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय अबान की क्रेटा करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। हालांकि, जांच में दुर्घटना की कोई एक पक्की वजह सामने नहीं आई है। हालात को देखते हुए ड्राइवर को झपकी आने की संभावना जताई गई है। हादसे के बाद टीम ने मौके का निरीक्षण करने के साथ कार की ब्रेक, स्टेयरिंग, सस्पेंशन, पहिए, व्हील अलाइनमेंट, एयरबैग, सीट बेल्ट और बॉडी को हुए नुकसान की जांच की।
झांसी जेल में बंद भाई से मिलने जा रहा था अबान
21 साल का अबान प्रयागराज से झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मिलने के लिए चार दोस्तों के साथ क्रेटा से निकला था। 6 अगस्त की सुबह करीब 5 बजे घर से निकलने के बाद करीब 10:30 बजे पूंछ थाना क्षेत्र में हाईवे पर कार डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार करीब 10 फीट उछलकर नीचे गिरी और उसके टूटे हिस्से करीब 40 फीट तक सड़क पर बिखर गए। कार का बायां हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और पांचों लोग अंदर फंस गए। पुलिस और राहगीरों ने दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला, लेकिन आगे बैठे अबान और पीछे बैठे उसके दोस्त सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। तीन घायलों उमर अहमद, मोहम्मद जैद और फारुक अहजम को मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
हादसे की वजह को लेकर अलग-अलग दावे
दुर्घटना के बाद प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों ने अलग-अलग वजह बताई थी। प्रत्यक्षदर्शी दीपक के मुताबिक, हाईवे पर अचानक बछड़ा आ गया था और उसे बचाने के लिए ड्राइवर ने कार बाईं तरफ मोड़ी। इसी दौरान सामने बाइक सवार आ गया, जिसके बाद कार दोबारा मोड़नी पड़ी और वह डिवाइडर से जा टकराई। वहीं, घायल उमर अहमद ने बताया था कि सड़क पर ईंट पड़ी थी और उसे बचाने के दौरान कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई।
टेक्निकल कमेटी की जांच में क्या मिला?
परिवहन विभाग के आरआई राघव कुमार और एमटी तकनीकी प्रभारी शिव कुमार की अगुवाई में बनी कमेटी ने कार की तकनीकी स्थिति और हादसे में हुए नुकसान की जांच की। रिपोर्ट के अनुसार, कार का बायां फ्रंट हिस्सा कंक्रीट की मजबूत सुरक्षा दीवार से टकराने के बाद पीछे की सीट तक धंस गया था। इस तरह के फ्रंटल डिफॉर्मेशन क्रश में आगे बैठे यात्रियों के लिए खतरा काफी बढ़ जाता है। कमेटी ने कार की रफ्तार करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा आंकी है, यानी करीब 36 मीटर प्रति सेकंड। इतनी स्पीड में अचानक सामने कोई बाधा आने पर कार एक सेकंड से भी कम समय में करीब 36 मीटर आगे पहुंच सकती है। टक्कर के दौरान पहियों को स्टेयरिंग से जोड़ने वाला टाई-रॉड भी टूट गया था। एयरबैग खुलने के बावजूद अबान की जान नहीं बच सकी।
टक्कर के बाद कार करीब 10 फीट ऊपर उछली और दाएं टायर के बल जमीन पर गिरी। इससे दाएं पहिए और सस्पेंशन पर अचानक बहुत ज्यादा दबाव पड़ा, जिससे वे भी क्षतिग्रस्त हो गए। तकनीकी जांच में फिलहाल कार की तेज रफ्तार की पुष्टि हुई है, लेकिन हादसा आखिर किस वजह से हुआ, यह साफ नहीं हो पाया है। कमेटी ने परिस्थितियों के आधार पर ड्राइवर को झपकी आने की संभावना जताई है। जांच रिपोर्ट लखनऊ के पुलिस अधिकारियों को भी भेजी गई है।