झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में मुक्ताकाशी मंच के पास सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित मजार को मंगलवार को झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) की प्रवर्तन टीम ने ध्वस्त कर दिया। प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान करीब साढ़े तीन घंटे तक चला। बताया गया कि यह मजार हजरत इमरती शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह के नाम से बनाई गई थी, जिसे लेकर पिछले साल कई संगठनों ने प्रशासन से शिकायत की थी। राजस्व विभाग की जांच में भूमि जेडीए की पाई गई, जिसके बाद इसे अवैध अतिक्रमण घोषित कर कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
जेडीए सचिव उपमा पांडेय के अनुसार, अतिक्रमणकारी पप्पू खान को पूर्व में स्वयं ही निर्माण हटाने का पर्याप्त समय और अवसर दिया गया था। हालांकि, अतिक्रमणकारी द्वारा केवल आंशिक निर्माण ही हटाया गया और शेष हिस्सा वैसा ही बना रहा। निर्देशों की अवहेलना और समय सीमा समाप्त होने के बाद, प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया और मंगलवार को बुलडोजर की मदद से शेष अवैध ढांचे को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। यह कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट प्रमोद झा की देखरेख में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
सुरक्षा के लिहाज से पूरी कार्रवाई के दौरान इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। मुक्ताकाशी मंच और झरनागेट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी थी ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति अभियान में बाधा न डाल सके। सुरक्षा कारणों से मीडियाकर्मियों को भी एक निश्चित दायरे से आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। किसी भी संभावित विरोध या तनाव को देखते हुए मौके पर पीएसी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। जेडीए के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी सार्वजनिक भूमि पर किए गए किसी भी प्रकार के स्थायी या अस्थायी अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल, ध्वस्त किए गए स्थल को जेडीए ने अपने कब्जे में ले लिया है और वहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।