झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में कॉमर्शियल एलपीजी गैस की कमी का असर अब होटल और ढाबा कारोबार पर साफ दिखाई देने लगा है। शहर के कई होटल गैस की सप्लाई न मिलने के कारण बंद होने लगे हैं, जबकि कुछ संचालक मजबूरी में लकड़ी और कोयले की भट्टी पर खाना बना रहे हैं। जिन होटलों में पहले ग्राहकों की भीड़ रहती थी, वहां अब सन्नाटा नजर आने लगा है।
होटल मालिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित है। व्यापारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान से जुड़े तनाव और सप्लाई चेन पर पड़े असर के कारण गैस की उपलब्धता घट गई है। इसका असर अब स्थानीय बाजार और खानपान कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है।
गैस की कमी के कारण कई होटलों को अपना मेन्यू सीमित करना पड़ा है। बड़े पैमाने पर खाना बनाना मुश्किल होने से कुछ जगहों पर सिर्फ चुनिंदा व्यंजन ही तैयार किए जा रहे हैं। कई होटलों में तबा रोटी बनना भी बंद हो गया है और संचालक केवल तंदूरी रोटी बनाकर काम चला रहे हैं। साथ ही गैस के विकल्प के रूप में लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल बढ़ने से इनके दाम भी तेजी से बढ़ गए हैं।
गैस संकट के बीच घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी भी सामने आने लगी है। कुछ होटल संचालक मजबूरी में घरेलू सिलेंडर से खाना बना रहे हैं और हॉकर्स से 1800 से 2000 रुपये तक में सिलेंडर खरीदने की बात सामने आई है। होटल मालिकों का कहना है कि अगर जल्द गैस की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो कई और होटल बंद करने पड़ सकते हैं, जिससे कारोबार के साथ कर्मचारियों की रोजी-रोटी पर भी असर पड़ेगा।