ताजा खबर

स्वस्थ जीवनशैली और तैराकी ने बदली अस्थमा मरीज की जिंदगी, 33 वर्षीय व्यक्ति ने पेश की मिसाल

Photo Source :

Posted On:Tuesday, May 12, 2026

अस्थमा (दमा) एक ऐसी बीमारी है जिसे अक्सर ताउम्र साथ रहने वाली समस्या माना जाता है, लेकिन सही जीवनशैली और शारीरिक गतिविधि से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। हाल ही में एक 33 वर्षीय व्यक्ति की कहानी सामने आई है, जिसने अपने खान-पान में सुधार और नियमित तैराकी को अपनाकर अस्थमा के लक्षणों में भारी कमी दर्ज की है।
तैराकी का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, तैराकी अस्थमा रोगियों के लिए सबसे बेहतरीन व्यायामों में से एक है। यह फेफड़ों की कार्यक्षमता (lung capacity) को बढ़ाती है और सांस लेने की मांसपेशियों को मजबूत करती है। नम वातावरण में व्यायाम करने से फेफड़ों में सूखापन नहीं आता, जिससे अस्थमा अटैक का खतरा कम हो जाता है।
जीवनशैली में अन्य बदलाव
उस व्यक्ति ने न केवल व्यायाम को अपनाया, बल्कि अपने आहार और दिनचर्या में भी कड़े बदलाव किए। विशेषज्ञों का कहना है कि बाहर के जंक फूड से दूरी, धूल-मिट्टी से बचाव और श्वसन संबंधी व्यायाम (Breathing exercises) अस्थमा के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विशेषज्ञों की राय
डॉक्टरों का मानना है कि हालांकि अस्थमा को पूरी तरह खत्म करना मुश्किल है, लेकिन इस तरह के सकारात्मक बदलाव इनहेलर पर निर्भरता को कम कर सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी नए व्यायाम की शुरुआत करने से पहले मरीज को अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।
मुख्य बिंदु:

  • 33 वर्षीय मरीज ने तैराकी के जरिए सांस फूलने की समस्या पर पाया काबू।
  • नियमित व्यायाम और सही डाइट से लक्षणों में आई गिरावट।
  • फेफड़ों की मजबूती के लिए तैराकी को माना गया सबसे प्रभावी।


झाँसी, देश और दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. jhansivocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.