झांसी न्यूज डेस्क: झाँसी के नंदनपुरा स्थित श्मशान घाट पर मंगलवार को बेहद भावुक और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब 29 वर्षीय नवविवाहिता मीनू की मौत के बाद उसके मायके वालों ने उसका अंतिम संस्कार रुकवा दिया। चिता पर रखे शव को देख मायके पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने शव को चिता से नीचे उतार लिया। परिजनों का आरोप था कि मीनू की मौत सामान्य नहीं, बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, क्योंकि उसके माथे और गले पर चोट के स्पष्ट निशान पाए गए थे। इस हंगामे के बीच पुलिस बल को मौके पर बुलाना पड़ा ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
मूल रूप से सकरार के बहेरा गांव की रहने वाली मीनू की शादी 5 फरवरी को केकेपुरी कॉलोनी निवासी हिमांशु के साथ हुई थी। सोमवार को मीनू की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने के बाद से ही उसके मायके वाले ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। मीनू की बहन मोनू और अन्य रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि ससुराल में उसके साथ लगातार मारपीट की जाती थी, जिसके कारण उसकी जान गई। इन्हीं आरोपों के चलते वे अंतिम संस्कार के दौरान अपना आपा खो बैठे और ससुराल पक्ष को घेर लिया।
मंगलवार को जब ससुराल वाले शव लेकर श्मशान घाट पहुंचे, तो पीछे से पहुंचे मायके वालों ने वहां जमकर हंगामा किया। पुलिस की लाख समझाइश के बावजूद वे अंतिम संस्कार तब तक नहीं होने देने की जिद पर अड़े रहे, जब तक कि ससुरालियों के खिलाफ मामला दर्ज न हो। करीब एक घंटे तक चले इस भारी तनाव के बाद, जब पुलिस प्रशासन ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का ठोस भरोसा दिया, तब जाकर मायके वाले शांत हुए और शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीपरी बाजार थाने में पति हिमांशु समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। थाना प्रभारी जेपी चौबे ने बताया कि प्राथमिकी में पति हिमांशु के साथ-साथ जेठ रोमेश उर्फ टोनी, जेठानी प्रीति, ननद हेम शिखा और ननदोई नीरज दीक्षित को नामजद किया गया है। आरोपी पति हिमांशु को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है।