झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में शुक्रवार को किन्नरों के दो गुटों के बीच वर्चस्व की जंग हिंसक रूप लेकर सड़क पर उतर आई। पांच अलग-अलग टोलियों के किन्नरों ने अपने विरोधी गुट पर बाउंसरों के जरिए जानलेवा हमला कराने का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय की गुहार लेकर भारी संख्या में किन्नर पहले नवाबाद थाने पहुंचे और फिर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा किया। किन्नरों का आरोप है कि पुलिस उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी कर रही है।
किन्नर गुरु बबली नायक ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि विवाद की शुरुआत शुक्रवार सुबह शिवाजी नगर इलाके में हुई। वे अपनी टोली के साथ एक शादी समारोह में 'नेग' और बधाई मांगने गई थीं। आरोप है कि इसी दौरान विरोधी गुट के किन्नर दर्जनों बाउंसरों के साथ वहां धमक पड़े। हमलावरों ने हॉकी और डंडों से हमला कर दिया, जिससे समारोह में अफरा-तफरी मच गई। बबली नायक के अनुसार, उन्हें और उनके साथियों को अपनी जान बचाने के लिए वहां से भागना पड़ा।
सिर्फ मारपीट ही नहीं, बल्कि जान से मारने की कोशिश का भी एक मामला सामने आया है। आइना किन्नर ने बताया कि गुरुवार को रक्शा थाना क्षेत्र के करौंदी माता मंदिर के पास विरोधी गुट के लोगों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया था। आरोप है कि हमलावरों ने उनके माथे पर तमंचा सटा दिया और जान से मारने की धमकी दी। आइना ने दावा किया कि उन्होंने खेतों की ओर भागकर अपनी जान बचाई, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान किन्नरों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। फिलहाल पुलिस ने किन्नरों को शांत कराते हुए मामले की जांच और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। शहर में दो गुटों के इस टकराव के बाद तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।