झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में सटोरियों के खिलाफ शुरू किया गया 'ऑपरेशन-720' फिलहाल सुस्त पड़ता दिखाई दे रहा है। नवाबाद पुलिस ने आईपीएल के दौरान करोड़ों रुपये के सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कई शातिर सटोरियों को गिरफ्तार किया था और 17 लोगों को वांछित घोषित किया था। हालांकि, कार्रवाई के आठ दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक केवल भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को ही दबोच सकी है, जबकि बाकी 16 बड़े नाम अब भी गिरफ्त से बाहर हैं।
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सत्येंद्र यादव, धर्मेंद्र साहू, पप्पू यादव और पंकज राय जैसे कई बड़े सटोरियों के नाम उजागर हुए थे, जो हर सीजन में करोड़ों का दांव लगाते हैं। इन वांछित अपराधियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश तो दे रही हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता हाथ नहीं लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि टीमें लगातार सक्रिय हैं और फरार सटोरियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस पूरे अभियान में पुलिस की विशेष इकाई 'स्वॉट' (SWAT) की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। बड़े सटोरियों के खिलाफ कार्रवाई और वांछितों की गिरफ्तारी में स्वॉट टीम की कोई खास सक्रियता नजर नहीं आई है। यहां तक कि भाजपा नेता आशीष उपाध्याय को पकड़ने के लिए दिल्ली गई टीम का नेतृत्व भी स्वॉट प्रभारी के बजाय चिरगांव थानाध्यक्ष ने किया। विभाग में चर्चा है कि नई तैनाती के बाद से स्वॉट टीम किसी बड़ी सफलता को हासिल करने में नाकाम रही है।
दूसरी ओर, पुलिस की बढ़ती दबिश को देखते हुए फरार सटोरिये अब कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पप्पू यादव और पंकज राय समेत कई शातिर सट्टेबाजों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में आत्मसमर्पण (सरेंडर) की अर्जी दाखिल की है। सटोरियों की इस रणनीति को भांपते हुए पुलिस भी सतर्क हो गई है और अदालत परिसर के आसपास चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि आरोपियों को सरेंडर से पहले ही हिरासत में लिया जा सके।