झांसी न्यूज डेस्क: शहर में इन दिनों कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर समस्या सामने आ रही है। मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से लेकर शहर के बाजारों तक कई जगहों पर समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलने की शिकायतें मिल रही हैं। इससे मेस संचालकों, होटल मालिकों और छोटे कारोबारियों को अपने कामकाज में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दैनिक भास्कर की टीम ने स्थिति की सच्चाई जानने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों का दौरा किया। मेडिकल कॉलेज परिसर के धन्वंतरि बॉयज हॉस्टल में लगभग 250 छात्रों के लिए रोजाना खाना तैयार किया जाता है। यहां मेस में खाना बन रहा था, लेकिन गैस की कमी को लेकर चिंता साफ दिखाई दी। मेस में काम कर रहे रसोइये ने बताया कि उनके पास सिर्फ आधा कमर्शियल सिलेंडर बचा है, जिससे किसी तरह आज का काम चल सकता है, लेकिन आगे की व्यवस्था को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
मेस संचालकों का कहना है कि कई दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग नहीं हो पा रही है। एजेंसी से संपर्क करने पर भी गैस उपलब्धता को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही। यही स्थिति शहर के कई बाजारों में होटल, ढाबों और चाय-नाश्ते की दुकानों पर भी देखने को मिल रही है। कुछ दुकानदारों ने बताया कि सिलेंडर नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में लकड़ी या कोयले की भट्टी पर खाना बनाना पड़ रहा है, जिससे लागत भी बढ़ रही है और काम करना भी मुश्किल हो रहा है।
वहीं कुछ व्यापारियों और गैस एजेंसी से जुड़े लोगों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव और ईरान से जुड़े हालात का असर गैस सप्लाई पर पड़ सकता है, जिसके कारण सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर जिला प्रशासन का कहना है कि झांसी में एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याएं प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं।