झांसी न्यूज डेस्क: झांसी में गुरुवार शाम को स्वाइन फ्लू का पहला मरीज सामने आया है। बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में होटल मैनेजमेंट के प्रथम वर्ष में पढ़ने वाले छात्र में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। छात्र को चार दिन से बुखार आ रहा था और इसके अलावा कोई दूसरा लक्षण नहीं था। इसके बाद वह मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में डॉक्टर को दिखाने पहुंचा। डॉक्टरों ने बुधवार को उसका सैंपल जांच के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट गुरुवार शाम पॉजिटिव आई। सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर छात्र के संपर्क में आए लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए टीमें बनाई हैं।
कमरे, क्लासमेट और परिवार की होगी स्क्रीनिंग
छात्र बामौर का रहने वाला है और फिलहाल शिवाजी नगर में किराए के कमरे में रहता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें अब उसके कमरे के आसपास रहने वाले लोगों, क्लासमेट्स और बामौर में रहने वाले परिजनों की स्क्रीनिंग करेंगी। किसी में स्वाइन फ्लू से जुड़े संदिग्ध लक्षण पाए जाने पर उसका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी में इनफ्लूएंजा-ए के कई मरीज पहुंचे। बाल रोग विभाग में करीब 25, मेडिसिन विभाग में करीब 30, चेस्ट एंड रेस्पिरेटरी विभाग में 8 और जिला अस्पताल की फ्लू ओपीडी में करीब 35 मरीजों का इलाज किया गया।
दो मरीजों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे
मेडिकल कॉलेज के चेस्ट एवं रेस्पिरेटरी विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमय शास्त्री ने बताया कि गुरुवार को निमोनिया और सांस लेने में परेशानी के चलते एक बुजुर्ग को ऑक्सीजन बेड पर भर्ती किया गया। लक्षणों को देखते हुए उसका भी स्वाइन फ्लू टेस्ट कराया जा रहा है। वहीं, बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएस चौधरी ने बताया कि ललितपुर के जखौरा निवासी 6 साल के बच्चे को निमोनिया और सांस लेने में दिक्कत के कारण ऑक्सीजन बेड पर भर्ती किया गया है। उसका भी स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सैंपल भेजा गया है। मेडिसिन विभाग में तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी वाले 9 मरीज भर्ती हैं।
सीएमओ बोले- संपर्क में आए लोगों की होगी जांच
सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि छात्र की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसके संपर्क में आए लोगों की स्क्रीनिंग के लिए टीम भेजी जा रही है। उन्होंने बताया कि छात्र में फिलहाल किसी तरह के गंभीर लक्षण नहीं हैं। सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि खांसी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाएं। छींकते या खांसते समय मुंह पर रुमाल या मास्क रखें और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।