झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के मारकुआं और पुछी गांव में लगातार हो रही बारिश से दर्जनों कच्चे मकान ढह गए। मकानों के गिरने से लोगों की गृहस्थी का सामान और घर में रखा अनाज मलबे में दबकर खराब हो गया। हादसों के बाद कई परिवारों के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। सोमवार को लेखपाल आलोक कुमार यादव ने दोनों गांवों का दौरा कर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया।
लेखपाल आलोक कुमार के मुताबिक, पुछी गांव में करीब दो दर्जन और मारकुआं में लगभग तीन दर्जन कच्चे खपरैल मकान बारिश की वजह से गिर गए हैं। कई घरों में अभी भी पानी भरा हुआ है, जिसे मोटर पंप लगाकर बाहर निकाला जा रहा है। मकान गिरने के बाद कुछ परिवार पॉलीथीन की झोपड़ियां बनाकर रहने को मजबूर हैं।
बारिश से जिन लोगों के मकान गिरे हैं, उनमें विजय सिंह राजावत, सुशील सिंह, ग्याप्रसाद लोधी, राकेश कुमार, धर्मदास नापित, हरकिशुन नापित, करन्जू श्रीवास, रणवीर सिंह, कुंवर लाल पांचाल, सुम्मेरे, रामेश्वर लोधी, राजू रैकवार, मनीष, मानवेन्द कुम्हार, गोविन्दास, लालाराम, आर्य गोपाल दास और केशव दास विद्याधर समेत कई परिवार शामिल हैं। इन लोगों के घर पूरी तरह गिरकर मलबे में बदल गए हैं।
नुकसान का सर्वे करने के दौरान प्रधान प्रतिनिधि राहुल आर्य, ठाकुर अरविंद सिंह, अशोक कुमार राजपूत, अरविंद विश्वकर्मा और वीरेंद्र खरे समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बारिश से हुए नुकसान के बाद प्रभावित परिवारों की मदद की जरूरत बताई। प्रशासन की ओर से सर्वे के आधार पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है।