झांसी न्यूज डेस्क: झांसी के कमिश्नरी कार्यालय में मंगलवार को एक कनिष्ठ सहायक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आरोप है कि अधिकारी की फटकार और कथित मानसिक प्रताड़ना के बाद वह कार्यालय में बेहोश होकर गिर पड़े। साथी कर्मचारियों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया है। वहीं, कर्मचारी की पत्नी ने अधिकारी पर लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। हालांकि, संबंधित अधिकारी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार, संयुक्त विकास आयुक्त कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक विजय कुमार मंगलवार सुबह करीब नौ बजे कार्यालय पहुंचे थे। उनकी पत्नी मालती देवी का आरोप है कि सुबह करीब आठ बजे संयुक्त विकास आयुक्त सुरेश चंद्र केश्वरवानी का फोन आया था, जिसमें उन्हें तुरंत कार्यालय पहुंचने के लिए कहा गया। कार्यालय पहुंचने के बाद अधिकारी ने विजय कुमार को अपने चैंबर में बुलाकर फटकार लगाई और कथित तौर पर अपमानजनक बातें कहीं। पत्नी का कहना है कि इसी तनाव के कारण विजय कुमार की तबीयत बिगड़ गई और वह चैंबर में ही बेहोश होकर गिर पड़े।
घटना के बाद मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए आईसीयू में भर्ती कर लिया। अस्पताल में भर्ती विजय कुमार ने आरोप लगाया कि वह अपने नियमित कार्य में लगे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने बिल भुगतान की स्थिति पूछी, जिस पर उन्होंने उपलब्ध जानकारी दे दी। उनका कहना है कि इसी बात से अधिकारी नाराज हो गए और उन्हें चैंबर में बुलाकर खरी-खोटी सुनाई। विजय कुमार ने दावा किया कि वह लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना का सामना कर रहे थे, जिससे वह तनाव में रहने लगे थे।
दूसरी ओर, कर्मचारी और उसके परिजनों ने अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक संयुक्त विकास आयुक्त सुरेश चंद्र केश्वरवानी की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। अधिकारी का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।