झांसी न्यूज डेस्क: जिले में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी के दौरान मेडिकल कॉलेज के पास संचालित दो पंजीकृत नर्सिंग होम में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच के दौरान दोनों अस्पतालों में मरीज भर्ती मिले, लेकिन न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही नर्सिंग व पैरामेडिकल स्टाफ। कई आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के अभाव ने अस्पतालों के संचालन और पंजीकरण प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. आशीष अग्निहोत्री ने करगुवांजी रोड स्थित 25 बेड के लिए पंजीकृत परिवार मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। जांच में अस्पताल में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ अनुपस्थित मिले। साथ ही आईसीयू वार्ड नहीं मिला और मेडिकल स्टोर में भी कई अव्यवस्थाएं पाई गईं।
इसके बाद 10 बेड के लिए पंजीकृत श्री राधा रानी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की जांच की गई। यहां भी डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नहीं मिले। अस्पताल में ऑक्सीजन सिलेंडर खुले में रखे थे, कमरों में जमीन पर गद्दे बिछे मिले और स्टरलाइजेशन जैसी जरूरी व्यवस्था भी नहीं थी। इसके अलावा पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड का भी अभाव पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों अस्पतालों के संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इन खुलासों के बाद स्वास्थ्य विभाग की निरीक्षण व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अधिकारियों का कहना है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अस्पतालों का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। गौरतलब है कि जिलाधिकारी गौरांग राठी ने 12 मई को बिना मानक संचालित अस्पतालों की शिकायतों पर जांच के निर्देश दिए थे। उसी अभियान के तहत की गई कार्रवाई में इन दोनों पंजीकृत नर्सिंग होम की खामियां उजागर हुई हैं।