झांसी न्यूज डेस्क: प्रयागराज नगर निगम अब विकास कार्यों की निगरानी पूरी तरह डिजिटल करने जा रहा है। अगस्त से इसकी शुरुआत निर्माण विभाग से होगी। इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप तैयार कराया जा रहा है, जिसमें किसी भी विकास कार्य की फाइल बनने से लेकर काम पूरा होने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दर्ज रहेगी। इससे फाइल ट्रैकिंग के साथ-साथ कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी भी आसान होगी।
यह एप एक निजी बैंक के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से विकसित किया जा रहा है। इसमें टेंडर जारी होने की तारीख, वर्क ऑर्डर, ठेकेदार का नाम, टेंडर की दर, कार्य शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद की तस्वीरें, निरीक्षण रिपोर्ट और भुगतान की स्थिति जैसी सभी जानकारियां दर्ज की जाएंगी। अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों को अलग-अलग लॉगिन आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे।
निरीक्षण के दौरान यदि किसी अधिकारी को काम में कमी या गुणवत्ता संबंधी समस्या मिलती है तो उसकी टिप्पणी एप पर दर्ज होते ही संबंधित ठेकेदार को तुरंत नोटिफिकेशन मिलेगा। इसके बाद ठेकेदार उसी प्लेटफॉर्म पर अपना जवाब और सुधार की जानकारी भी दर्ज कर सकेगा। एप के जरिए कार्य की समयसीमा, प्रगति और भुगतान की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जाएगी।
इस नई व्यवस्था से अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी। एप के माध्यम से यह पता चल सकेगा कि किस अधिकारी ने कितने निरीक्षण किए और शिकायत मिलने पर क्या कार्रवाई की। वहीं, बार-बार लापरवाही करने वाले ठेकेदारों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर निगम का कहना है कि शुरुआत में इस व्यवस्था को निर्माण विभाग में लागू किया जाएगा। इसके बाद स्वास्थ्य और मार्ग प्रकाश विभाग को भी इस डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने बताया कि अगले महीने से एप के माध्यम से विकास कार्यों की निगरानी शुरू कर दी जाएगी।