झांसी न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रवक्ता (PGT) लिखित परीक्षा-2022 का दो दिवसीय आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। परीक्षा के दूसरे दिन भी दो पालियों में कड़ी सुरक्षा के बीच अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। प्रशासन ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए छह केंद्रों पर पैनी नजर रखी, जहां अधिकारियों ने स्वयं भ्रमण कर सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अधिकारियों का निरीक्षण और सुरक्षा:
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग के प्रेक्षक डॉ. अखिलेश मिश्रा और नोडल अधिकारी/एडीएम (प्रशासन) शिव प्रताप शुक्ल ने जनपद के सभी 6 केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय सहित अन्य केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर की कार्यप्रणाली की जांच की। कंट्रोल रूम से भी पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी गई ताकि परीक्षा पूरी तरह नकल विहीन और पारदर्शी रहे।
अभ्यार्थियों की उपस्थिति का गणित:
परीक्षा के दूसरे दिन अभ्यार्थियों की अनुपस्थिति का आंकड़ा काफी बड़ा रहा। नोडल अधिकारी के अनुसार:
प्रथम पाली (10 मई): कुल 2,308 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से केवल 893 उपस्थित हुए, जबकि 1,415 अनुपस्थित रहे।
द्वितीय पाली: 1,521 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से मात्र 753 केंद्र पहुंचे, जबकि 768 ने परीक्षा छोड़ दी।
कुल प्रभाव: दोनों पालियों को मिलाकर कुल 2,183 अभ्यर्थियों ने इस बार पीजीटी परीक्षा छोड़ दी है।
प्रशासनिक मुस्तैदी:
परीक्षा को सफल बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक (नगर) प्रीति सिंह, डीआईओएस रती वर्मा और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के केंद्र व्यवस्थापक लगातार सक्रिय रहे। पुलिस प्रशासन की मोबाइल टीमें केंद्रों के आसपास भ्रमणशील रहीं। प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन हो और किसी भी केंद्र पर कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।