झांसी न्यूज डेस्क: रानीपुर नगर में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद बड़ी आबादी आज भी पानी की गंभीर समस्या से जूझ रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर की लगभग 60 प्रतिशत आबादी को नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति नहीं मिल पा रही है। लोगों ने जल संस्थान पर लापरवाही और जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ने का आरोप लगाया है।
नगरवासियों का कहना है कि जल संस्थान के अधिकारी रानीपुर में मौजूद रहने के बजाय करीब 60 किलोमीटर दूर झांसी मुख्यालय से ही पूरे सिस्टम को संचालित कर रहे हैं। तकनीकी खराबियों को समय पर ठीक करने के लिए स्थानीय स्तर पर कोई मजबूत व्यवस्था नहीं है। पूरी जलापूर्ति व्यवस्था संविदा कर्मियों के भरोसे चल रही है, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों के मुताबिक, कई वर्षों से कुओं और पानी की टंकियों की ठीक तरह से सफाई नहीं कराई गई है। टंकी की सफाई के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की जाती है। इतना ही नहीं, अब तक पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रयोगशाला परीक्षण भी नहीं कराया गया है। वहीं, पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए जरूरी ‘स्लूज वॉल्व’ लगाने की मांग भी लंबे समय से अनदेखी की जा रही है।
पुरानी और जर्जर पाइपलाइनें भारी दबाव के कारण लगातार फट रही हैं, जिससे हजारों लीटर साफ पानी सड़कों और नालियों में बहकर बर्बाद हो रहा है। लोगों का आरोप है कि अधिकारियों और ठेकेदारों की कथित मिलीभगत के चलते समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं, जल संस्थान के एसडीओ प्रदीप जादौन ने कहा कि लाइन टूटने की जानकारी और फोटो व्हाट्सएप पर भेजने के बाद संबंधित जेई को मौके पर भेजकर मरम्मत कराई जाएगी। मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन ने जेसीबी के जरिए पाइपलाइन को भूमिगत करने का काम भी शुरू कर दिया है।