रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने 29 अगस्त 2025 को अपनी 48वीं वार्षिक आमसभा (AGM) में एक बड़ा ऐलान किया। चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बताया कि कंपनी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी कदम रख रही है। इसके लिए रिलायंस ने ₹855 करोड़ की नई कंपनी ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ की स्थापना की है, जो आने वाले वर्षों में भारत को ग्लोबल AI लीडर बनाने की दिशा में काम करेगी।
इस पहल को और मजबूत बनाने के लिए रिलायंस ने दो टेक्नोलॉजी दिग्गजों — गूगल और मेटा (फेसबुक की पैरेंट कंपनी) — के साथ साझेदारी की है। इस रणनीतिक साझेदारी के जरिए भारत में AI इनोवेशन, डिजिटल सशक्तिकरण और डेटा-आधारित सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
गूगल और मेटा के साथ साझेदारी: भविष्य की नींव
मुकेश अंबानी ने बताया कि गूगल के साथ मिलकर ‘रिलायंस AI मोबाइल’ बनाया जाएगा, जो भारतीय बाजार के लिए एक AI-संचालित स्मार्टफोन होगा। गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने पुष्टि की कि गूगल का जेमिनी AI मॉडल, रिलायंस की AI सेवाओं में इंटीग्रेट किया जाएगा, जिससे फोन और डिजिटल ऐप्स में यूजर्स को इंटेलिजेंट फीचर्स मिलेंगे।
वहीं, मेटा के साथ मिलकर एक जॉइंट वेंचर शुरू किया जा रहा है, जो सरकारी और निजी संस्थानों को सुरक्षित और कस्टमाइज्ड AI प्लेटफॉर्म मुहैया कराएगा। इसका मकसद डिजिटल गवर्नेंस, ई-कॉमर्स और एजुकेशन जैसे क्षेत्रों में AI को सुलभ और प्रभावी बनाना है।
जियो के IPO की तैयारी
AGM में एक और बड़ा ऐलान जियो के IPO को लेकर किया गया। मुकेश अंबानी ने कहा कि 2026 की पहली छमाही में रिलायंस जियो का IPO लाया जाएगा और इसके लिए ड्राफ्ट डॉक्युमेंट्स जल्द ही फाइल किए जाएंगे।
फिलहाल जियो के पास 50 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं, और यह न सिर्फ भारत बल्कि अन्य देशों में भी अपने कारोबार का विस्तार करने की योजना बना रही है। अंबानी ने कहा कि जियो की 'मेक इन इंडिया' टेक्नोलॉजी को अब 'सर्व फॉर ग्लोबल' में बदला जाएगा।
जियोहॉटस्टार: AI से लैस नया अनुभव
रिलायंस ने अपने एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म JioHotstar में भी कई AI फीचर्स जोड़े हैं। अब इसमें "मैक्सव्यू 3.0" की सुविधा उपलब्ध है, जो मोबाइल पर वर्टिकल वीडियो स्ट्रीमिंग को और बेहतर बनाता है।
एक खास फीचर है RIYA, एक वॉयस असिस्टेंट जो सामान्य भाषा में बोलने पर शो या मूवी सर्च कर देता है। इसके अलावा, ‘वॉयस प्रिंट’ तकनीक विदेशी भाषाओं के कंटेंट को भारतीय भाषाओं में ऑटोमैटिक डब कर देती है। इससे न केवल कंटेंट की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि भारत के क्षेत्रीय दर्शकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
निष्कर्ष: भारत में AI का नया युग
मुकेश अंबानी की रिलायंस इंटेलिजेंस न केवल एक कंपनी है, बल्कि यह भारत में AI क्रांति का अगला अध्याय है। गूगल और मेटा जैसे वैश्विक नेताओं के साथ साझेदारी, जियो के ग्लोबल विस्तार की योजना, और जियोहॉटस्टार में AI का समावेश — ये सब दर्शाते हैं कि रिलायंस अब केवल एक भारतीय कंपनी नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर टेक्नोलॉजी के भविष्य का नेतृत्व करने को तैयार है।
AI की यह यात्रा भारत को एक स्मार्ट, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में नई रफ्तार देने जा रही है।