झांसी न्यूज डेस्क: झांसी की रहने वाली धनदेवी (27) की उसी के पति ने लव मैरिज के आठ साल बाद कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। शक और घरेलू विवाद के चलते रची गई इस साजिश में पति ने बीमार बेटे का बहाना बनाकर पत्नी को घर बुलाया और फिर पिता के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। रविवार को झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान धनदेवी ने दम तोड़ दिया। यह सनसनीखेज मामला मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के वीरपुरा गांव (चंदेरा थाना क्षेत्र) का है।
मृतका के भाई देवीदयाल के अनुसार, मोंठ निवासी हरिओम विश्वकर्मा 2016 में धनदेवी को भगाकर ले गया था। जेल से छूटने के बाद उसने धनदेवी से मंदिर में शादी कर ली थी और टीकमगढ़ में रहने लगा था। पिछले कुछ समय से हरिओम अपनी पत्नी पर शक करने लगा था, जिससे तंग आकर धनदेवी चार महीने पहले अपनी बहन के पास ग्वालियर के इंदरगढ़ चली गई थी और वहां काम करने लगी थी। पत्नी के वापस न लौटने से नाराज हरिओम उसे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहा था।
वारदात वाले दिन, यानी 8 अप्रैल को हरिओम ने धनदेवी को फोन कर बताया कि उनका बेटा बहुत बीमार है। ममता के वश में होकर धनदेवी जैसे ही ससुराल पहुंची, रात में हरिओम ने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि ससुर घनश्याम ने भी मारपीट की और बेटे को कुल्हाड़ी पकड़ा दी, जिससे हरिओम ने धनदेवी की गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए। लहूलुहान हालत में धनदेवी को पहले टीकमगढ़ और फिर झांसी रेफर किया गया, जहां उसने मौत से पहले अपनी बहन को पूरी आपबीती सुनाई।
चंदेरा पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी पति हरिओम और ससुर घनश्याम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पहले इस मामले में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) का केस दर्ज किया गया था, लेकिन धनदेवी की मृत्यु के बाद अब मुकदमे में हत्या की संबंधित धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। मृतका के दो मासूम बच्चे हैं, जिनकी सुरक्षा और भविष्य को लेकर अब परिवार चिंतित है।