झांसी न्यूज डेस्क: झांसी नगर निगम की सदन बैठक हंगामे और तीखी बहस के बीच संपन्न हुई, जिसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 490.62 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। मेयर बिहारी लाल आर्य की अध्यक्षता में करीब 6 घंटे तक चली इस बैठक में पार्षदों ने शहर की बुनियादी समस्याओं, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक ढिलाई को लेकर अधिकारियों को जमकर घेरा।
बैठक के मुख्य बिंदु और महत्वपूर्ण निर्णय:
1. बजट और प्रशासनिक सुधार
490 करोड़ का बजट: ध्वनिमत से बजट पास किया गया।
नियमित बैठकें: अब हर दो महीने में सदन की बैठक आयोजित होगी ताकि विकास कार्यों की निरंतर समीक्षा की जा सके।
ठेकेदारों पर नकेल: जनकार्य विभाग में जो ठेकेदार तय समय पर तीन कार्य पूरे नहीं करेंगे, उन्हें भविष्य में कोई नया काम आवंटित नहीं किया जाएगा।
2. सफाई और बुनियादी सुविधाएं
500 सफाई कर्मी: शहर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मेयर ने एक महीने के भीतर 500 नए सफाई कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए। मेयर ने स्पष्ट किया कि बजट की कोई कमी नहीं है।
विवाह घर का किराया कम: आम जनता को राहत देते हुए हंसारी स्थित नगर निगम विवाह घर का दैनिक किराया 11,000 रुपये से घटाकर 5,100 रुपये कर दिया गया।
स्वागत द्वार और पार्क: महानगर के सभी वार्डों में स्वागत द्वार बनाए जाएंगे और पार्कों की देखरेख के लिए माली व चौकीदार तैनात होंगे।
3. खेल और समाज कल्याण के लिए भूमि आवंटन
बैठक में कई क्षेत्रों में खेल के मैदान और सामाजिक केंद्रों के लिए जमीन आरक्षित की गई:
खेल के मैदान: नयागांव, बिजौली, गढ़ियागांव और भगवंतपुरा में खेल मैदानों के लिए हेक्टेयरों भूमि आरक्षित की गई।
बचपन डे-केयर सेंटर: गढ़ियागांव में 3000 वर्गमीटर भूमि निशुल्क आवंटित की गई।
पूजा घर: सतीश नगर रिफ्यूजी कॉलोनी में धार्मिक स्थल निर्माण के लिए नजूल भूमि का प्रावधान।
4. प्रमुख विवाद और गरमाई बहस
भ्रष्टाचार के आरोप: कुछ पार्षद भ्रष्टाचार के सबूत के तौर पर ईंट और तस्वीरें सदन में लेकर आए, जिस पर मेयर ने कड़ी जांच के आदेश दिए।
महारानी लक्ष्मीबाई प्रतिमा विवाद: रानी लक्ष्मीबाई पार्क में बिना अनुमति नई प्रतिमा स्थापित करने के मुद्दे पर तीखी बहस हुई। मेयर ने प्रक्रिया के उल्लंघन पर आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी को पत्र लिखने का निर्णय लिया।
अतिक्रमण और पेयजल: पार्षदों ने नगर आयुक्त आकांक्षा राणा के समक्ष अतिक्रमण और पानी की समस्या उठाई, हालांकि कई मुद्दों पर अधिकारियों के जवाब से पार्षद संतुष्ट नहीं दिखे।