झांसी न्यूज डेस्क: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त सहायक कुलसचिव, 70 वर्षीय मनीराम वर्मा की जान चली गई। मनीराम वर्मा अपनी स्कूटी से बाजार जाने के लिए निकले थे, तभी परीक्षा भवन की ओर से आ रही एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार काली थार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि वह स्कूटी समेत गाड़ी के नीचे ही दब गए, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया।
हादसे को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि यूपी पुलिस का एक सिपाही रजत था। चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर मारने के बाद सिपाही ने इंसानियत दिखाने के बजाय गाड़ी से अपना बैग निकाला और मौके से रफूचक्कर हो गया। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को गाड़ी के नीचे से निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के वक्त पास ही में होमगार्ड भर्ती परीक्षा चल रही थी।
हादसे के बाद विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों और कुछ पुलिसकर्मियों के बीच उस समय तीखी नोकझोंक और तनाव की स्थिति बन गई, जब कुछ पुलिस वालों ने दुर्घटनाग्रस्त थार को वहां से चुपचाप हटाने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए गाड़ी को हटने नहीं दिया, ताकि सबूतों के साथ छेड़छाड़ न हो सके। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन और वहां रहने वाले परिवारों को गहरे शोक और आक्रोश में डाल दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बीबीजीटीएस मूर्ति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सिपाही रजत को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच के सख्त आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस अब इस मामले की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।