झांसी न्यूज डेस्क: हंसारी रेलवे क्रॉसिंग पर लंबे समय से प्रस्तावित ओवर ब्रिज को आखिरकार मंजूरी मिल गई है। करीब पांच साल तक विभिन्न विभागों की अनुमति और तकनीकी प्रक्रियाओं में उलझा यह प्रोजेक्ट अब जमीन पर उतरने की ओर बढ़ गया है। ओवर ब्रिज बनने से बबीना, ललितपुर, बिजौली और राजगढ़ की ओर आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
झांसी-ललितपुर रोड पहले ही फोरलेन में बदला जा चुका है, लेकिन हंसारी रेलवे क्रॉसिंग पर बार-बार लगने वाले जाम से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। इसी समस्या को देखते हुए वर्ष 2021 में सेतु निगम ने यहां ओवर ब्रिज निर्माण के लिए सर्वे शुरू किया था। हालांकि, आसपास रक्षा भूमि होने और सेना, रेलवे व रक्षा विभाग से एनओसी न मिलने के कारण मामला लंबे समय तक अटका रहा।
बाद में यह परियोजना रेलवे को सौंप दी गई। रेलवे ने प्रारंभिक सर्वे के बाद करीब 114.91 करोड़ रुपये की लागत से ओवर ब्रिज का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा था। करीब डेढ़ साल बाद अब इस परियोजना को अंतिम मंजूरी मिल गई है। अधिकारियों के अनुसार प्रस्तावित ओवर ब्रिज लगभग 1225 मीटर लंबा होगा और इसका पूरा खर्च रेलवे उठाएगा।
अनुराग शर्मा ने परियोजना को मंजूरी मिलने पर खुशी जताते हुए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर उन्होंने हाल ही में रेल मंत्री से मुलाकात की थी, जिसके बाद इस परियोजना को स्वीकृति दी गई। लोगों को उम्मीद है कि ओवर ब्रिज बनने के बाद इस व्यस्त मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।