झांसी न्यूज डेस्क: चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए पूर्व विधायक दीपनारायण यादव ने बृहस्पतिवार की रात जिला कारागार की बाहरी सेल में बिताई। जेल सूत्रों के अनुसार, दोपहर में जेल पहुंचने के बाद करीब एक घंटे तक उनकी कागजी प्रक्रिया पूरी कराई गई, जिसके बाद उन्हें बाहरी सेल में रखा गया। यह वही सेल होती है, जहां नए बंदियों को शुरुआती दिन रखा जाता है।
सुरक्षा कारणों से पूर्व विधायक को अलग ब्लॉक में रखा गया और किसी भी अन्य बंदी से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। रात में जब उन्हें सेल में भेजा गया, तो वे पूरी रात सो नहीं सके। बताया गया कि वे बार-बार ड्यूटी पर तैनात पहरीदार से समय पूछते रहे। ठंड के चलते उन्हें दो कंबल दिए गए थे और बाद में उन्होंने एक अतिरिक्त कंबल भी मांगा। सुबह भी उनका व्यवहार शांत और गुमसुम रहा। जेल प्रशासन के मुताबिक शुक्रवार को उनकी स्थायी सेल तय कर दी जाएगी।
इस मामले में नामजद अनिल यादव भी झांसी जेल में बंद है, लेकिन दोनों को अलग-अलग रखा गया है। यह मामला 20 नवंबर को दर्ज हुआ था, जब मोंठ कोतवाली क्षेत्र के भुजौंद गांव निवासी प्रेम सिंह पालीवाल ने पूर्व विधायक दीपनारायण यादव, अनिल यादव और एक अन्य के खिलाफ डकैती और रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस का आरोप है कि पूर्व विधायक पर 32 हजार रुपये की डकैती का मामला दर्ज है। विवेचक राजेश पाल सिंह ने शुक्रवार को जेल पहुंचकर उनका बयान दर्ज किया और उनसे एक दर्जन से ज्यादा सवाल किए, जिनमें से अधिकतर के जवाब उन्होंने नहीं दिए। अब पुलिस उन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी में है और इसके लिए अदालत में अर्जी दी जाएगी। वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर अर्जी पर भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। शीतकालीन अवकाश के चलते अब अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी।