झांसी न्यूज डेस्क: रमजान के मुबारक महीने के आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुमा पर झांसी में अकीदत का सैलाब उमड़ पड़ा। शहर की मरकज़ी मस्जिद समेत लगभग सभी छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ देखने को मिली।
अलविदा जुमा की अहमियत को देखते हुए आम दिनों के मुकाबले मस्जिदों में करीब दोगुनी भीड़ रही। गुरुवार को ईद का चांद नजर नहीं आने की वजह से इस बार रमजान में पांच जुमा पड़े, जिससे इस दिन की रौनक और बढ़ गई। सुबह से ही नमाजियों का मस्जिदों की ओर आना शुरू हो गया था और दोपहर तक कई जगह मस्जिदों के अंदर ही नहीं, बल्कि बाहर सड़कों तक भी कतारें लग गईं।
भीड़ ज्यादा होने के कारण कई मस्जिदों में नमाज दो जमात में अदा कराई गई, ताकि सभी लोग आसानी से नमाज पढ़ सकें। नमाज के बाद लोगों ने देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ मांगी। इमामों ने अपने खुत्बों में रमजान के सबक—सब्र, इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद—को अपनाने की अपील की।
मेवतीपुरा और नई बस्ती की शिया मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई। यहां लोगों ने देश में शांति के साथ-साथ ईरान के हक में भी दुआ की और एक-दूसरे को गले लगाकर रमजान की खुशियां साझा कीं।
सीपरी बाजार की बड़ी मस्जिद, बिसाती बाजार, कैंट क्षेत्र और कसाई मंडी समेत कई इलाकों में भी बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज पढ़ी। मस्जिदों के आसपास पूरे दिन रौनक रही और बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ी।
अलविदा जुमा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील इलाकों में पुलिस तैनात की गई, मस्जिदों के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई और कई जगह बैरिकेडिंग की गई। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी गई। नमाज शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली।