झांसी न्यूज डेस्क: अब गांवों में भी पानी की हर बूंद को बचाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। लघु सिंचाई विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए गांवों के 127 सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की योजना बनाई है। इसको लेकर विभाग ने पूरी डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दी है।
योजना के तहत ग्राम समाज के भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों तक को इस दायरे में लिया गया है। इसका मतलब है कि सिर्फ शहरों में ही नहीं, बल्कि गांवों में भी अब बरसात का पानी सहेजा जाएगा। ये सिस्टम उन्हीं भवनों में लगाया जाएगा, जहां भूजल स्तर काफी नीचे जा चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जिन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है, वे डार्क जोन वाले इलाके हैं। यहां पानी की किल्लत सबसे ज्यादा महसूस की जाती है। खासकर गुरसराय और बबीना ब्लॉक में भूजल स्तर बहुत खराब स्थिति में है। इसलिए यहां पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जल्द लगाए जाएंगे।
इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गांवों में ही बारिश का पानी सहेजा जाएगा, तो भविष्य में लोगों को पेयजल और सिंचाई दोनों में राहत मिलेगी।