झांसी न्यूज डेस्क: मौसम में अचानक बढ़ी ठंडक का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। खांसी, जुकाम, बुखार और वायरल निमोनिया के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है, जिसमें बच्चे ही नहीं बल्कि बड़े भी बड़ी संख्या में प्रभावित हो रहे हैं। इसका सीधा असर अस्पताल की ओपीडी पर पड़ा है, जहां मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
बुधवार को मेडिसिन विभाग की ओपीडी में करीब 45 फीसदी मरीज सर्दी-खांसी और बुखार से पीड़ित पहुंचे, वहीं बाल रोग विभाग की ओपीडी में 40 फीसदी बच्चे इन्हीं लक्षणों के साथ आए। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वायरल निमोनिया के कुल नौ मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
बाल रोग विभाग में आने वाले अधिकतर बच्चों को तेज खांसी और जुकाम-बुखार की शिकायत थी। कई बच्चों को एक हफ्ते से ज्यादा समय से खांसी बनी हुई थी, लेकिन आराम नहीं मिल रहा था। जांच के दौरान कुछ बच्चों में निमोनिया के लक्षण पाए गए, जिसके बाद उनकी हालत को देखते हुए चार बच्चों को तुरंत भर्ती किया गया।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों को गले में दर्द, खांसी और बुखार की समस्या सबसे ज्यादा हो रही है। अगर समय पर इलाज न मिले तो निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। वहीं मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू सिंह ने बताया कि वायरल निमोनिया से पीड़ित पांच मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है और सभी का उपचार जारी है।